आज की सुर्खियां मदर ऑफ ऑल डील... धार्मिक मर्यादा और प्रशासनिक निष्ठा के बीच के टकराव से लेकर मध्य प्रदेश के विकास पथ पर बढ़ते कदमों तक फैली हुई हैं।
प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच शंकराचार्य पदवी को लेकर छिड़े विवाद पर उमा भारती ने बड़ा बयान दिया है। जानें क्या है पूरा मामला और क्यों उमा भारती ने योगी सरकार को दी नसीहत।
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेत्री उमा भारती ने मध्यप्रदेश सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उमा भारती ने एक्स पर पोस्ट किया है। उमा भारती ने लिखा- साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें पूरे प्रदेश, सरकार और व्यवस्था के लिए शर्मनाक और कलंकित करने वाली हैं।
टीकमगढ़ में उमा भारती ने कहा कि शादियों में करोड़ों की फिजूलखर्ची भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है। नेताओं और उद्योगपतियों से सादगी अपनाने की अपील की। बच्चों में बढ़ती हीन भावना पर भी जताई चिंता।
पूर्व सीएम उमा भारती ने भोपाल में कहा कि पाकिस्तान नहीं, भ्रष्टाचार देश की बड़ी चुनौती है। उन्होंने सिंहस्थ लैंड पूलिंग रद्द करने, चरणबद्ध शराबबंदी, गौ-रक्षा के लिए फेंसिंग और धर्मांतरण पर रोक की मांग की। CM मोहन यादव पर भी रखी राय।
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से गौ संरक्षण और गौ संवर्धन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए भावनात्मक विषय है, और संगठन, सरकार सहमत हैं।
मध्य प्रदेश की वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने भोपाल के अयोध्या नगर दशहरा मैदान में गौ संरक्षण अभियान के तहत एक विशाल रैली को संबोधित किया। उन्होंने 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए झांसी से लड़ने की इच्छा जताई। साथ ही गौ संवर्धन और गंगा की निर्मलता पर जोर दिया। रैली में लोधी समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
उमा ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेना हर भारतीय के मन में है। जब यह हो जाएगा तभी हमारा उद्देश्य पूरा होगा। इस दौरान उमा ने 1994 में संसद द्वारा पारित उस सर्वसम्मत प्रस्ताव का भी उल्लेख किया जिसमें पीओके को भारत का अभिन्न हिस्सा घोषित किया गया था।





















